Wednesday, March 2, 2011

रूपम यौन उत्पीड़न कांड प्रतिरोध मार्च


बिहार में महिलाओं पर बढ ते यौन शोषण और शराब नीति के खिलाफ मार्च में शामिल हों
०४.०२.२०११ को ११ बजे दिन से
जे.पी. गोलम्बर, गांधी मैदान, पटना से विधान सभा तक जनता मार्च

दोस्तों,

आपको मालूम है कि गत ४ जनवरी, २०११ को रुपम पाठक ने पुर्णिया के विधायक राज किद्गाोर केसरी की हत्या इसलिये कर दी क्योंकि पिछले तीन वर्षों से विधायक, उसके एक सहायक विपिन राय एवं अन्य के द्वारा जघन्य यौन उत्पीड न से त्रस्त थी।
महिला संगठनों के दबाव में बिहार सरकार ने इस केस को सी.बी.आई. के सुपुर्द किया लेकिन इसका संदर्भ सिर्फ विधायक की हत्या के रुप में सी.बी.आई. को प्रस्तावित किया गया है।

हम सभी मानते हैं कि यह न केवल रुपम पाठक के साथ बल्कि बिहार की पूरी जनता के साथ धोखा है। क्योंकि जनमानस की माँग है कि यह केस संपूर्ण संदर्भ में अन्वेषण किया जाये तभी न्याय हो पायेगा। पुर्व में उप मुखयमंत्री सुशील कुमार मोदी के द्‌वारा एक पक्षीय गैर कानूनी बयानबाजी एवं मुखय मंत्री के इस मसले पर चुप्पी से जनता में अविद्गवास का माहौल बना हुआ है।

इस केस के संदर्भ में यह उल्लेखनीय है कि यौन शोषण का दूसरा दोषी विपिन राय अभी तक फरार है, दूसरी तरफ इस घटना को लोगों तक पहुँचाने वाला पत्रकार नवलेद्गा पाठक शाजिद्गा के तहत जेल में यातना भुगत रहा है।

यहाँ इस बात का उल्लेख करना आवद्गयक है कि रुपम पाठक के यौन शोषण का जो भी केस चला उसमें प्रद्गाासन-पुलिस और न्यायालय से उसे उपेक्षा का द्गिाकार होना पड़ा। और यह कहना अतिरेकपूर्ण नहीं होगा कि शायद इसी वजह से यह हत्या हुई, जिसे हम एक तरह से आत्मसम्मान के रक्षार्थ हुई घटना मानते हैं, और न्याय की अपेक्षा रखते हैं।

दोस्तों, हमारे लिये यह घटना एक प्रस्थान बिन्दु है। जिससे आगे बढते हुए हम इस तरफ अपका ध्यान आकर्षित करना जरुरी समझते हैं कि जिस समाज में औरतों का सम्मान और उसकी अस्मिता सुरक्षित नहीं वह समाज कभी भी तरक्की नहीं कर सकता है।

अगर हम पिछले ५-६ वर्षों के अपराध व न्याय की तरफ गौर करें तो पाएँगे के औरतों का यौन उत्पीड न शोषण व उनके खिलाफ अन्य अपराधों में बेतहाद्गाा बढ ोत्तरी हुई है। इसके लिये हम अपनी तरफ से कोई भी आँकड ा देकर वर्तमान सरकार को लांछित करने का इरादा नहीं रखते बल्कि सरकार के खुद के आँकड े इस सच को बतलाने के लिए काफी है।

यहाँ सिर्फ एक घटना का जिक्र ही दिल को दहला देने के लिए काफी है कि इस सरकार की नाक के नीचे १८ वर्ष की नाजि या और उसकी दो बहनों सहित पूरे परिवार को गर्म तेल से बुरी तरह जला दिया गया। यह है इस सरकार में अपनी अस्मिता को बचाने की कोद्गिाद्गा का परिणाम। यह मात्र एक छोटा सा उदाहरण है। इस तरह की कई तमाम घटनायें सरकार को आईना दिखा रही हैं।

कानून-व्यवस्था, विकास और सुद्गाासन के नाम पर जो तांडव इस ''नये बनते बिहार में हो रहा है वह है इसका वर्ग एवं जाति चरित्र।'' जिसके तहत यह दृढ ता से यह कहा जा रहा है कि सदा ही औरतें दोयम दर्जे की नगरिक ही रहेंगीं।

दूसरी तरफ बिहार के विकास की एक तस्वीर है इनके द्वारा बनायी गई उत्पाद नीति और उसके तहत राजस्व वसूलने के लिए सर्व प्रमुख इनकी शराब नीति। यह नीति पिछले ५ वर्षों से बदस्तूर चल रही है। अब हमें शराब खरीदने के लिए कोई भी जहमत उठाने की जरुरत नहीं है। वह आसानी से शहर के हर नुक्कड़-चौराहे पर उपलब्ध है। गाँवों के हर पंचायत में दो दुकानें अनिवार्य हैं। सबसे खास बात इस नीति के तहत यह है कि हर लाइसेंसधारी दूकानदार का शराब बेचने का कोटा तय है और तयद्गाुदा कोटे से कम की बिकी्र होने पर लाइसेंस के रद्‌द हो जाने का खतरा भी मौजूद है। नतीजतन शराब की बिक्री और सेवन लगभग सरेआम और समाज का एक आवद्गयक व्यवहार बना दिया गया है। दूसरी तरफ महिलाओं पर पुलिस दमन की घटनाओं मे भी बेतहाद्गाा बढोतरी हो रही है। गत दिनो मुजफ्फरपुर के मड वन में हुई घटना इसका एक ताजा प्रमाण है।

जाहिर तौर पर शराब नीति से औरतों के मान-मर्दन का सीधा रिद्गता है। इस मुद्‌दे को हम जनमानस के विचारार्थ और उनके विवेक के हवाले करना चाहते हैं। क्योंकि शराब या नद्गाा एक ऐसा व्यसन है जो अपराधों को न केवल जन्म देता है बल्कि उनके बढ ते रहने में भी सहायक होता है। इन अपराधों से औरतें सबसे ज्यादा द्गिाकार बनती हैं।

आखिर में हम इस मार्च के जरिये आप सबों से आग्रह करते है कि अपने राज्य बिहार में पनप रहे इन परोक्ष जुल्मों का पुरजोर विरोध करें। इसके खिलाफ हम पहले से ही एक हस्ताक्षर अभियान चला रहे हैं। उसमें आपके हस्ताक्षर आवद्गयक हैं।

हमारी मांगें :ह्ण आरोपी विपिन राय को यौन उत्पीड़न के जुर्म में अविलम्ब गिरफ्तार कर उस पर मुकदमा चलाया जाये।
ह्ण नवलेश पाठक के खिलाफ मनगढ ंत झूठे मुकदमे को वापस लेकर उसे अविलम्ब रिहा किया जाये।
ह्ण रुपम पाठक को पी.एम.सी.एच. में लाकर उचित इलाज कराया जाये।
ह्ण रुपम के हमलावरों पर नाम के साथ एफ.आई.आर. दर्ज करें।
ह्ण रुपम पाठक एवं नवलेश पाठक के परिवार एवं संबंधियों को सुरक्षा प्रदान की जाये।
ह्ण राजहंस पब्लिक स्कूल को अविलम्ब खोला जाये।
ह्ण रुपम पाठक केस को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायधीद्गा की देखरेख में जाँच की जाये।
ह्ण महिलाओं के साथ बढ  रहे अपराधों एवं उनके विरुद्ध बेवजह पुलिस दमन से उनकी सुरक्षा कर उन्हें भी मान-सम्मान से जीने का हक सुनिद्गिचत करें।
ह्ण शराब नीति अविलम्ब वापस लें।
ह्ण महिलाओं के सद्गाक्तिकरण के लिये महिला एवं बाल विभाग का गठन, महिला आयोग एवं मानवाधिकार आयोग को शक्तिद्गााली बनायें।
ह्ण रुपम पाठक केस में चल रही जाँच में गैर कानूनी एवं एक पक्षीय बयानबाजी करने वाले बिहार राज्य के उप मुखयमंत्री सुशील कुमार मोदी इस्तिफा दें।
ह्ण रुपम पाठक केस के संदर्भ में मुखयमंत्री नीतीद्गा कुमार अविलम्ब चुप्पी तोड ें।
सभी साथियों से अपील है कि न्याय की इस लड ाई में आगमी दिनांक ०२.०२.२०११ को (दोपहर १२ बजे से संध्या ५ बजे तक) बिहार के सभी जिलों में एक साथ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा एवं दिनांक ०४.०२.२०११ को (११ बजे दिन से) जे.पी. गोलम्बर, गांधी मैदान, पटना से विधान सभा तक जनता मार्च निकाला जायेगा जिसमें अपसबों की सहभागिता आवद्गयक होगी।

आयोजकबिहार विमेंस नेटवर्क, बिहार लोक अधिकार मंच. एकता परिषद,
आओ बहिना, इप्टा, लोक परिषद, बिहार दलित अधिकार मंच, समर, परिवर्तन जन आंदोलन, स्नेहधारा, महिला मंच।
संपर्क पताः आब्दीन हाउस फ्रेजर रोड, पटना १

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